जप मेरी रसना सुबहो शाम

अशोक शर्मा "दास"
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जप मेरी रसना सुबहो शाम, श्री राधे राधे,

मिश्री से ज्यादा मीठा नाम, श्री राधे राधे,

हर भय संकट दूर हटा के,

जीवन की हर तपन मिटा के,

तपते ह्रदय को दे आराम, श्री राधे राधे,

जप मेरी रसना......

जिन पर किरपा बरसाती है,

श्री चरणों से लिपटाती है,

बिगड़े सँवारे सारे काम, श्री राधे राधे,

जप मेरी रसना......

चरण कमल रज मस्तक धर लो,

सफल ये मानुष जीवन कर लो,

कर के श्री चरणों में प्रणाम, श्री राधे राधे,

जप मेरी रसना.....

कलयुग में बस एक ही युक्ति,

भव बन्धन से दे कर मुक्ति,

"दास" बसा ले निज धाम, श्री राधे राधे,

जप मेरी रसना......

रचना: अशोक शर्मा "दास"

स्वर : श्यामा दासी (साक्षी)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।