मेरे सतगुरु का साथ

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

सतगुरु मेरे सतगुरु मेरी जान है,

मेरी शोहरत मेरे साईं जी तुम से ही मेरी पहचान है,

मेरे सतगुरु का साथ भाई क्या बात क्या बात,

जिसको भी इक पल मिल जाये उसकी बन जाये हर बात,

मेरे सतगुरु का साथ भाई क्या बात क्या बात,

राम रमियाँ किशन कन्हियाँ ये है जग के पार लगियां,

ये छोड़े नही हाथ भाई क्या बात क्या बात,

जिसको भी एक पल मिल जाए उसकी बन जाए हर बात,

मेरे सतगुरु का साथ भाई क्या बात क्या बात,

सुख में दुःख में साथ है रहते छोड़ के साईं दूर न जाते,

चाहे जैसे हो हालत भाई क्या क्या बात,

जिसको भी एक पल मिल जाए उसकी बन जाए हर बात,

मेरे सतगुरु का साथ भाई क्या बात क्या बात,

स्वर्ग से सुंदर साईं की शिर्डी शिर्डी मंदिर में साईं विराजे,

रहे सब भक्तो के साथ भाई क्या बात क्या बात,

जिसको भी एक पल मिल जाए उसकी बन जाए हर बात,

मेरे सतगुरु का साथ भाई क्या बात क्या बात,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।