नाच रहे हनुमान राम गुण गा गा के

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

नाच रहे हनुमान राम गुण गा गा के,

हे मेरे मेहंदीपुर बलवान राम गुण गा गा के,

नाच रहे हनुमान...

धरती नाचे अम्बर नाचे,

चंदा नाचे सूरज नाचे,

चंदा सूरज तारे नाचे,

नाचे सुबह और शाम,

राम गुण गा गा के....

लाल लंगोटा तन पर साजे,

हाथ में सुंदर गधा विराजे,

मेरे सिन्धुरी भगवान राम गुण गा गा के,

नाच रहे हनुमान....

राम चंदर जी बली बली जाए,

मात जानकी लेत बलाए,

भईया लखन के साथ,

राम गुण गा गा के,

नाच रहे हनुमान....

पाँव में घुंगरू बाँध के नाचे,

राम जी का नाम इन्हें प्यारा लागे,

नाचे दे दे ताल, राम गुण गा गा के,

नाच रहे हनुमान....

राम नाम का झन्डा लेकर,

पोहंच जाये ये हर कीर्तन पर,

ये बिगड़े बनाये काम राम गुण गा गा कर,

नाच रहे हनुमान....

जय हो महावीर तेरी जय हो रघुवीर तेरी...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।