जो शिव नाम होठों पे चढ़ गया रे

सौरभ मधुकर
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जो शिव नाम होठों पे चढ़ गया रे ,

तो समझो ये जीवन संवर गया रे,

मन में बसा ले तू शिव काशी वाला ,

साथ चलेगा तेरे डमरू वाला ,

जो मन शिव की भक्ति में रम गया रे ,

तो समझो ये जीवन संवर गया रे,

जग की ये माया बड़ी उलझावे ,

पाप कर्म भगति के आडे आवे ,

जो शिव जी ने हाथ सर पे धर दियो रे ,

तो समझो ये जीवन संवर गया रे,

बम बम बासुकी का नाम बड़ा प्यारा ,

नाम ने लाखों को पार उतारा ,

जो भोले ने हाथ पकड़ लियो रे ,

तो समझो ये जीवन संवर गया रे ,

जो शिव नाम होठों पे चढ़ गया रे ,

तो समझो ये जीवन संवर गया रे ,

भजन गायक - सौरभ मधुकर

संपर्क - 9831258090

स्वर - सौरभ मधुकर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।