जय जय गजानन दम्बोदर गजानन,

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जय जय गजानन दम्बोदर गजानन,

सुख के दाता दुःख निवारण,

सबसे उचा तेरा सिंगासन,

भक्ति तेरी और शक्ति तेरी,

धरती अम्बर पे प्रगति तेरी,

तेरी महिमा अप्रम पार हारे को दे जीत हज़ार,

जय जय गजानन दम्बोदर गजानन,

तेरे नाम से शुभ आरंभ हो तेरी रोशनी से जग कल्याण हो,,

सारा अम्बर तेरा गुण गाये तेरे सामने हर कोई शीश झुकाये,

तेरी आरती उतारे चाँद सितारे सूरज की धुप तेरी नजर उतारे,

जय जय गजानन दम्बोदर गजानन,

हम गरीबो का मान भी है तू,

और अमीरो की शान भी है तू,

तेरी चौकठ पे हम सब एक है,

तेरे दर पे हमेशा सब एक है,

तेरी किरपा से मिट ती है दुरी,

तेरे दर्शन से होती है हर कामना पूरी,

जय जय गजानन दम्बोदर गजानन,

दर्शन तेरा अद्भुत हो आँखों में ख़ुशी के आंसू हो,

मन में बस यही ये बात आये अगले बर्ष तू जल्दी आये,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।