चल पड़ा शिव का पुजारी शिव को मनाने के लिए

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

चल पड़ा शिव का पुजारी शिव को मनाने के लिए

हाथ में गंगा जल गडवा शिव को चड़ने के लिए

बैठ गया शिवलिंग के आगे, करने लगा अस्तुतीयाँ

हाथ जब ऊपर उठाया, घंटा बजाने के लिए

देख कर सोने का घंटा, पाप मन में आ गया

हो गया तैयार वह तो घंटा चुराने के लिए

चढ़ गया शिवलिंग के ऊपर घंटा ले जाने के लिए

हो गए प्रगट शंभू दर्शन दिखने के लिए

जल चढाते हैं सभी मुझ को मानाने के लिए

तू तो खुद ही चढ़ गया मुझ को रिझाने के लिए

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।