विराजे शीश का दानी मेरा बाबा श्याम

पारंपरिक
महादेव भजन खाटू श्याम भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

याहा विराजे शीश का दानी मेरा बाबा श्याम,

दीवाने मुझे ले चल खाटू धाम,

तन मन धन सब इनके अर्पण,

जीवन भी है इनको समपर्ण,

मन मंदिर में छवि निरखु मैं,

इनकी आठो याम ,

दीवाने मुझे ले चल खाटू धाम,

श्याम हमारे भोले भले,

अपने भगतो के रखवाले,

ऐसे देव दयालु के मेरा,

चरणों में परनाम,

दीवाने मुझे ले चल खाटू धाम,

श्याम भरोसा श्याम सहारा,

जीवन नाव का खेवन हारा,

चौकठ पर बस तक लो माथा,

बने गए बिगड़े काम,

दीवाने मुझे ले चल खाटू धाम,

श्याम वर्ण पर कोरे मनके,

दानी है महा भारत राण में

श्याम प्रभु जीवन धन मेरे,

आन बाण और शान,

दीवाने मुझे ले चल खाटू धाम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।