मन में शरधा जगाओ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मन में शरधा जगाओ गोरख नाथ दर्श दिखलायेगे,

घर प्रेम से उन्हें भुलायो खुद चल के ही आ जायेगे,

मन में शरधा जगाओ ..........

तीन लोक में चार युग में घट घट में है गोरख नाथ,

दुःख संताप मिटाने वाले परम मोक्ष है गोरख नाथ,

भक्ति की खिचड़ी चढ़ाओ खुद आके भोग लगाए गे.

मन में शरधा जगाओ ...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।