बिन तेरे ना रह पाए

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बिन तेरे ना रह पाए दर छोड़ के कहा जाए,

तेरी दया से ही भोले हर काम बनेगे,

तू रूठा तो भोले जी ना पाएंगे,

तेरी चौकठ पे हम तो मर जायेगे,

तेरे सहारे ही मेरा परिवार कहे गे,

हर काम बनेगे,

बिन तेरे ना रह पाए दर छोड़ के कहा जाए.......

देवो के देव तुम ही कहलाते हो,

जटा से अपनी गंगा तुम ही बहाते हो,

तीनो लोको के राजा मेरा उधार करेगे,

हर काम बनेगे,

बिन तेरे ना रह पाए दर छोड़ के कहा जाए.......

हमे भरोसा बाबा साथ निभाए गा ,

सब भक्तो की बिगड़ी तू ही बनाये गा,

तेरा श्याम तुझसे आज कहे तेरा नाम जापे गे,

हर काम बनेगे,

बिन तेरे ना रह पाए दर छोड़ के कहा जाए.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।