बरसाने ना जाऊ तो जी गबराता है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बरसाने ना जाऊ तो जी गबराता है,

आके तेरे बरसाने हमको चैन आता है,

सोना और चांदी हमको न भाये,

जो कुछ भी है अपना तुझपे लुटाये,

आखिरी तमना बस ये है हमारी ,

जीना और मरना चोकाथ पे तुम्हारी,

तेरे दर्शन को दिल मेरा भागा आता है,

आके तेरे बरसाने हमको चैन आता है,

फूलो से सजता है दर ये तुम्हारा,

सेवा करता है तेरी एक ग्वाला,

चरणों में बेठा बर्ह्माण्ड सारा,

जो भी कोई आता खाली ना जाता,

खुशियों से झोली हर कोई भर ले जाता है,

आके तेरे बरसाने हमको चैन आता है,

तेरी ये रहमत तब से मिली है,

जब से तेरी चोकठ हमने मली है,

तेरी ये किरपा हमपे रहे यु.

तेरे बिना राहुल को और न भाता है,

आके तेरे बरसाने हमको चैन आता है,

Rahul sehgal-8872206027

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।