गुरुदेव तुम्हारी जय जय हो

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

गुरुदेव तुम्हारी जय जय हो

सद्गुरु तुम्हारी जय जय हो

सोमनाथ तुम्हारी जय जय हो

रामनाथ तुम्हारी जय जय हो

विश्वनाथ तुम्हारी जय जय हो

भोले नाथ तुम्हारी जय जय हो

महादेव तुम्हारी जय जय हो

महाकाल तुम्हारी जय जय हो

केदारनाथ तुम्हारी जय जय हो

त्रिम्ब्केश्वर तुम्हारी जय जय हो

नागेश्वर तुम्हारी जय जय हो

मलिकार्जुन तुम्हारी जय जय हो

बैजनाथ तुम्हारी जय जय हो

वनखंडी तुम्हारी जय जय हो

गुरजटी तुम्हारी जय जय हो

ओम्कारेश्वर तुम्हारी जय जय हो

श्रीशैलम तुम्हारी जय जय हो

सोमनाथ तुम्हारी जय जय हो

चन्द्रमौलि तुम्हारी जय जय हो

पशुपतिनाथ तुम्हारी जय जय हो

विश्वनाथ तुम्हारी जय जय हो

भूतनाथ तुम्हारी जय जय हो

भवनाथ तुम्हारी जय जय हो

विश्वनाथ तुम्हारी जय जय हो

उमानाथ तुम्हारी जय जय हो

सोमनाथ तुम्हारी जय जय हो

हरी ॐ हरी ॐ

महादेव महादेव

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।