हमे रास्तो की जरूरत नहीं है

पारंपरिक
महादेव भजन गुरुदेव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हमे रास्तो की जरूरत नहीं है,

हमे तेरे पेरो के निशान मिल गये है,

तुम ही हो शिव और ब्रह्मा का संगम,

सब कुछ तुम्हारा सब तुझको अर्पण,

अब तेरा मैं तो मुझमे ही तू है,

हमे रास्तो की जरुरत नहीं है,

हमे तेरे पेरो के निशान मिल गये है,

छाये दिल में जो गम का अँधेरा,

तन्हाई में जो मन मेरा गेरा,

खिलता सवेरा लेकर तू रुब रूह है,

हमे रास्तो की जरुरत नहीं है,

हमे तेरे पेरो के निशान मिल गये है,

कलियों में तू है फूलो में तू है,

सागर की इक इक लहर में भी तू है,

कही मैं जाऊ बस तू ही तू है,

हमे रास्तो की जरुरत नहीं है,

हमे तेरे पेरो के निशान मिल गये है,

जन जन की सेवा यही मेरी पूजा,

तुम ही हो तुम हो कोई न दूजा,

तुम से है रोशन कण कण में तू है,

हमे रास्तो की जरुरत नहीं है,

हमे तेरे पेरो के निशान मिल गये है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।