नन्द गाँव में खुशियाँ छाई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नन्द गाँव मैं खुशियाँ छाई,

आज आये है कृष्णा कन्हाई,

आज घर घर में थाल बजे है,

देखो घर घर में तोरण सजे है,

सभी देते है मिल के वधाई,

आज आये है कृष्णा कन्हाई...............

कोई कान्हा को पलना झुलाये,

कोई गा गा के लोरी सुनाये,

कान्हा की सुरतियाँ मन भाइ,

आज आये है कृष्णा कन्हाई....

कोई नैनो में काजल लगाए,

कोई माखन मिश्री खिलाये,

कोई बाँट रहो है मिठाई,

आज आये है कृष्णा कन्हाई,

झूमे गाये ब्रिज की नारी,

ग्वाले शोर मचाये भारी,

बड़ी खुश है यशोदा माई,

आज आये है कृष्णा कन्हाई,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।