अपने दिल का दरवाजा हम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है,

सपने में आ जाना कान्हा ये बोल के सोते है,

अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है,

सपने में आये तू कही आंख न खुल जाये,

बाते करते करते दिन रात निकल जाये,

इस दुनिया से हर नाता हम तोड़ के सोते है,

अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है,

सपना टूटे मेरा सपने में खो जाऊ,

सपने की चाहत में मैं फिर से सो जाऊ,

जीवन की सारी ईशा हम छोड़ के सोते है,.

अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है,

ये प्रेम हमारा श्याम बस इतना बढ़ जाये,

सपने में आने की तुझे आद्दत पड़ जाये,

बनवारी इन हाथो को हम जोड़ के सोते है

अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।