नन्द जी के आंगन में बज रही आज बधाई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नन्द जी के आंगन में बज रही आज बधाई,

सो सो बार बधाई लोको यहाँ लाखो बार बधाई,

चमत्कार सा हुआ है लोगो हो गयी बात निराली,

और रात रात में नन्द बाबा की दाड़ी हो गयी काली,

नन्द जी के........

साठ साल के बुडे देखो हो गये आज जवान,

नाचे कुदे धूम मचाये गाये मीठी तान,

नन्द जी के.......

मात यशोदा सब गोपियाँ को वस्त्र लुटावे,

गोप गोल सब हिल मिल कर के,

बाबा को नाच नचावे,.

नन्द जी के.......

जुग जुग जियो लाल तुम्हारा ये अशीष हमारी,

ऐसे देहि सब ही मिल कामे ब्रिज बनवारी ,

नन्द जी के......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।