नचना तेरे नाल

- रोशनस्वामी"तुलसी"९८८७३३९३६०
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्यामा कर ना बहाना,तेनु अज मैं नचाना

बाह फड़ तेरी श्यामा,तेरे नाल गिद्दा पाना

एजी मुरली बजावी,नाल सबनूँ नचाई

तेरी फुल्ला जेहि प्यारी ए मुस्कान वे श्यामा

नचना नचना मैं अज तेरे नाल वे श्यामा

तेरे नाम दी खुमारी,सानू चढ़ गई भारी

नाईयो डर हुन सानू,नचा अज रात सारी

तेरे पीछे जाना भूल ए जहान वे श्यामा

नचना नचना मैं अज तेरे नाल वे श्यामा

वृंदावन विच श्यामा,तूँ तां नचेया वथेेरा

तेनू पता लग जाना,नाल ला तूँ साढ़े फेरा

तेनु याद आ जानी,ओहियो रास वे श्यामा

नचना नचना मैं अज तेरे नाल वे श्यामा

तुलसी भूल नाइयों जाना,जेड़ा प्यार एथे पाना

भूल दुनियां नूं श्यामा,तूँ तां मुड़ इत्थे आना

तेरी मुरली दी मीठी मीठी तान वे श्यामा

नचना नचना मैं अज तेरे नाल वे श्यामा

लेखक :- रोशनस्वामी"तुलसी"९८८७३३९३६०

9610473172

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।