जब से देखा राधा तुझे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब से देखा राधा तुझे मैं तो पागल हो गया,

हर पल हर शन याद करू तुझे दिल जाने कहा खो गया,

बंकि तेरी अदा का जादू,

मुझपे तो न कर गया,

यहाँ भी देखू नजर मुझे आये मेरे रोम रोम में रम गया,

बंकि तेरी अदा का जादू,

राधा तेरी मोहनी सूरत मुझको बड़ा सताती है,

यहाँ भी जाऊ जिधर भी जाऊ तेरी यदा आती है,

जबसे मन में बस गी राधे मैं तो घायल हो गया,

हर पल हर शन याद करू तुझे दिल जाने कहा खो गया,

कान्हा मैं तो तेरी दीवानी तेरे बिना अधूरी हु,

तुम ही मेरे दिल की धड़कन तुमसे ही मैं पूरी हु,

श्याम बिना मैं तो आधी मुझे श्याम रंग भा गया,

यहाँ देखू मुझे तू ही नजर तू आये मेरे रोम रोम में रम गया,

बंकि तेरी अदा का जादू........

राधा मेरी रागी रागनी मेरी बांसुरी की तान है,

राधा मेरे दिल की रानी राधा मेरी जान है,

मेरे गीत की तुम हो सरगम अब ये समज आ गया,

हर पल हर शन याद करू तुझे दिल जाने कहा खो गया,

जब से देखा राधा तुझे,

कान्हा तुम छालियाँ बड़े मन मोहित कर जाते हो,

माखन चोरी के बहाने दिल चुरा ले जाते हो,

कृष्ण मेरे भोले से मन में अब तुही समा गया,

यहाँ मैं देखू नजर तू आये मेरे रोम रोम रम गया,

बंकि तेरी अदा का जादू,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।