इक जोगी आया शिर्डी में

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

इक जोगी आया शिर्डी में जो राम का नाम उचारे,

दसमे द्वार की राह दिखा के भेद मिटाए सबके,

कंधे पे लेके झोला चलता फ़कीर फिरे है,

रूप अनोखा रूहानी तस्वीर,

कहे राम राम वो मुस्लिम को,

हिन्दू को गान सुनाये,

मुक्ति द्वार की राह दिखा कर भेद मिटाए सबके,

घर घर जाके मांगे खैर सारे जग की,

विनती ये सुनता है हर दुखी मन की,

जो शरण साईं की आ जाए,

हर भक्त की चिंता ताले,

मुक्ति द्वार की राह दिखा कर भेद मिटाए सबके,

साईं योगी बेठता है धुनी रमा के,

द्वारका माई में बेठा डेरा लगा के,

तानु जो साईं नाम जपे भव सागर उसको तारे

मुक्ति द्वार की राह दिखा कर भेद मिटाए सबके,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।