एक भरोसा है प्रभु तेरा पतित पावन नाम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पाप की गठरी लिए लिए मेरी बीती उम्र तमाम,

एक भरोसा है प्रभु तेरा पतित पावन नाम

सिया राम जय जय राम

तू ही सारे जग का दाता तू ही सब का भाग विधयता,

पाप पूण सुख दुःख धन धरती सब ही तेरे काम,

एक भरोसा है प्रभु तेरा पतित पावन नाम....

मैंने कितने तूने पाप कमाए तेरे बिना अब कौन बचाये,

अब तो लाज तुम्हारे हाथो गोविंदा घनश्याम,

एक भरोसा है प्रभु तेरा पतित पावन नाम

कभी न श्री चरणों से भाग तू ही देदे मैं क्या मांगू,

तेरे ही गुण गाते बीते हर सुबह हर शाम

एक भरोसा है प्रभु तेरा पतित पावन नाम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।