मेरे बाबा तेरी मुरली

पारंपरिक
महादेव भजन गुरुदेव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरे बाबा तेरी मुरली दिव्य गुणों की खान,

जिसको सुन कर दिल ये कहता हो जाओ कुर्बान,

शीतलता का पाठ पढ़ाती शांति रस से तृप्त बनाती,

मन में सब के खुशियां भर्ती झूम उठा संसार,

बाबा तेरी मुरली.....

अति इन्द्रिये सुख ये देती प्रभु प्रेम में हमको उड़ाती,

जीते जी मरणा सिखलाती मरते को देती स्वास,

बाबा तेरी मुरली दिव्य गुणों की खान,

सृष्टि चाकर का ज्ञान बढ़ाती माया से लड़ना सिखलाती,

शिव शक्ति ये हमे बनाती अपना है विश्वाश,

बाबा तेरी मुरली दिव्य गुणों की खान,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।