मेरे बाबा का पैगाम

पारंपरिक
महादेव भजन गुरुदेव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरे बाबा का पैगाम अब तो चलना परमधाम ,

वापिस जाना है हम सब को दिव्ये लोक निज धाम,

मेरे बाबा का पैगाम अब तो चलना परमधाम ,

नश्वर दुनिया के रिश्ते सब ही ,

विनाशी सुख मिलता हो पर दुःख है जीवन भर है,

मुक्ति की वन मुक्ति वर्सा पा जाओ तमाम,

मेरे बाबा का पैगाम अब तो चलना परमधाम ,

मन के तार प्रभु से जोड़ो बिंदु रूप है इनका,

सदा शिव कल्याण कारी कातयाग परम है चिंता,

बात आल्हा के ऊपर और राम है ना

मेरे बाबा का पैगाम अब तो चलना परमधाम ,

सुख की दुनियां आने वाली सतियो के संसार,

आनंद प्रेम वाली दुनियां विश्व है इक परिवार,

नरसी नारयण और बन जाओ चलना है सुख धाम.,

मेरे बाबा का पैगाम अब तो चलना परमधाम ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।