संगम की बेला है सुहानी

पारंपरिक
महादेव भजन गुरुदेव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

संगम की बेला है सुहानी,

ये समय है बड़ा वरदानी,

संगम पर ही शिव बाबा है आते,

ज्ञान शंख से सबको जगा ते,

सुनते है मीठी वाणी,

ये समय है बड़ा वरदानी,

संगम पर ही ब्रह्मण वन ते,

सन्मुख शिव से बाते करते,

मिल मिला इसकी निशानी,

ये समय है बड़ा वरदानी,

हीरे जैसा जीवन है मिलता,

दिव्ये गुणों से जीवन है खिलता,

सताए नारायण की है कहानी,

ये समय है बड़ा वरदानी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।