जीवन जिसने कमलपुष्प सा

पारंपरिक
महादेव भजन गुरुदेव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जीवन जिसने कमलपुष्प सा हम सबका खिलाया,

माध्यम बन सखा हमें शिव बाबा से मिलाया,

अव्यक्त बनाने हमको अव्यक्त रूप है धारे,

ऐसे प्यारे प्यारे ब्रह्मा बाबा हमारे,

देव गुण धारण है करना याद पिया की में रहना,

पवित्र बन ना और बनाना प्यार लुटाते रहना,

शांति स्थंद पल पल भर भी जब जब हम आते है ,

पड़ कर सूंदर शिलालेख को हिरध्ये दावित हो जाते है,

मधुर मधुर शिक्षा से सबका भाग्ये सवारे,

ऐसे प्यारे प्यारे ब्रह्मा बाबा हमारे,

समय है कम अब देर न करो अविनाशी धन दान करो,

हीरे चलाये है जनम तुम्हरा सफल करो कल्याण करो,

सर्व के पिता है शिव भगवन भारत वर्ष है देश महान,

आवो परम् तीर्थ स्थान प्रभु का है इसको वरदान,

यह रहस्य समजना सबको महा वाकये उचारे ,

ऐसे प्यारे प्यारे ब्रह्मा बाबा हमारे,

अपने को आत्मा संजो शिव परमात्मा को याद करो,

राज योग से जन्म जन्म के वि कर्मो का अविनाश करो,

ज्ञान सरूप प्रेम सरूप प्रिये वसो स्वरूप बनो,

सुख शांति की राह दिखाओ ऐसे शांति दूत बनो,

शांति संध से शांति किरणे विशव में पधारे

ऐसे प्यारे प्यारे ब्रह्मा बाबा हमारे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।