गिरधर मेरे मौसम आया

लखबीर सिंह लक्खा
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गिरधर मेरे मौसम आया,

धरती के शृंगार का,

अरे आया सावन पड़ गए झूले बरसे रंग बहार का,

गिरधर मेरे मौसम आया.....

ग्वाल बाल संग गोपियाँ राधा जी आई,

आज तुम्हे कहो कौन सी कुब्जा भरमाई,

मिलन की चाह में तुम्हारी राह में,

विशाये पलके बैठी है तुम्हारी याद सताती है,

गिरधर मेरे मौसम आया

घुमड़ घुमड़ काली घटा शोर मचती है,

स्वागत में तेरे संवारा जल बरसाती है,

कोयलियन कुक टी मयूरी झूमती,

तुम्हारे बिन मुझको मोहन बहारे फीकी लगती है,

गिरधर मेरे मौसम आया.....

ग्वाल बाल संग गोपियाँ राधा जी आई,

आज तुम्हे कहो कौन सी कुब्जा भरमाई,

मिलन की चाह में तुम्हारी राह में,

विशाये पलके बैठी है तुम्हारी याद सताती है,

गिरधर मेरे मौसम आया........

राधा जी के संग में झूलो मनमोहन,

छेड़ रसीली बांसुरी शीतल हो तन मन,

बजाओ बांसुरी खिले मन की कलि,

मग्न नंदू ब्रिज की बाला तुम्हे झूला झूलती है,

गिरधर मेरे मौसम आया........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।