तुमको निहारने को दिल ये चाहता है

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तुमको निहारने को दिल ये चाहता है,

मन में उतरने को दिल ये चाहता है,

तुम सामने हमारे तुम साथ में हमारे,

तो भी पुकारने को दिल ये चाहता है,

तुमको निहारने को दिल ये चाहता है

ये ज्योति बिंदु प्यारा क्या रूप है तुम्हारा,

किरणों ने रूह का रूप है स्वारा,

किस्मत सवार ने को दिल ये चाहता है

मन में उतरने को दिल ये चाहता है,

तुम सामने हमारे तुम साथ में हमारे,

पलकों न बंद हो ना ये पल न जाने देंगे,

मिल कर विवाद हाल हो अब हम जुदा न होंगे,

संग युग गुजारने को दिल ये चाहता है,

तुमको निहारने को दिल ये चाहता है,

अरमानो की ये बस्ती ये बून्द को तरश ती,

वरदानो की बारिश हर घडी बरस ती,

सरवसव् पार नि को दिल ये चाहता है,

तुमको निहारने को दिल ये चाहता है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।