मेरे श्याम जन्में आज गोकुल नगरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे श्याम जन्में आज गोकुल नगरिया,

यहाँ दूध दही यहाँ माखन मिश्री,

वहा जन्मे है आज कृष्ण कन्हियाँ,

मेरे श्याम जन्में गोकुल आज नगरिया

यमुना किनारे श्याम की नगरियाँ,

नन्द बाबा की प्यारी प्यारी नगरियाँ,

यहाँ यशोदा मियाँ प्यारी प्यारी मइयां,

यहाँ धेनु चराए जगत के रचियाँ,

मेरे श्याम जन्में गोकुल आज नगरिया

बाल लीला श्याम यही पे दिखाए मात यशोदा को नाच नचाये,

गोपी ग्वाले खेले गेंदे यमुना में डाले,

काले नाग नाथ कृष्ण बने नाग नथियाँ,

मेरे श्याम जन्में गोकुल आज नगरिया

राधा गोपियाँ संग नाच नचाये दुष्ट कंश को मार गिराये,

महाभारत रचे गीता ज्ञान दिए,

द्वारका दीश बने प्रभु बंसी बजैया,

मेरे श्याम जन्में गोकुल आज नगरिया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।