जन्म लियो नन्दलाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जन्म लियो नन्दलाल ब्रिज में धूम मची,

धूम मची देखो खुशियां मची,

नैना निररख के निहाल ब्रिज में धूम मची

बहदो महीना कृष्ण पक्ष आया,

अष्टमी तिथि का कमाल ब्रिज में धूम मची,

धूम मची देखो खुशियां मची,

जन्म लियो नन्दलाल ब्रिज में धूम मची,

नखथ रोहणी वार रहा बुध का,

हरषानी योग का धमाल ब्रिज मा धूम मची,

धूम मची देखो खुशियां मची,

जन्म लियो नन्दलाल ब्रिज में धूम मची,

मध् रात्रि जब १२ बजे है,

आये है बाल कृष्ण लाल ब्रिजमा धूम मची,

धूम मची देखो खुशियां मची,

जन्म लियो नन्दलाल ब्रिज में धूम मची,

देखो मथुरा में जन्मे गोकुल झूले पलना,

जेडी दविंदर खुशाल,ब्रिजमा धूम मची,

धूम मची देखो खुशियां मची,

जन्म लियो नन्दलाल ब्रिज में धूम मची,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।