कोई तिरछी नज़र से ना देखो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कोई तिरछी नज़र से ना देखो के श्याम मेरा बडा सलोना है

पहली बधाई बाबा नन्द जी की आयी,

नन्द जी ने खुशियाँ मनायी के श्याम मेरा बडा सलोना है,

कोई तिरछी......

दुसरी बधाई माता यशोदा की आयी,

यशोदा ने खुशियाँ मनायी के श्याम मेरा बडा सलोना है,

कोई तिरछी.......

तीसरी बधाई सब ग्वालो की आयी,

ग्वालो ने खुशियाँ मनायी के श्याम मेरा बडा सलोना है,

कोई तिरछी........

चौथी बधाई सब सखियो की आयी ,

सखियो ने खुशियाँ मनायी के श्याम मेरा बडा सलोना है,

कोई तिरछी........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।