ओ मेरे साँवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ मेरे साँवरे हम हुये वनवारे ऐसी मुरली बजाई मजा आ गया,

हम दीवाने हुये आके तेरी शरण प्रीत तुम से लगाई मजा आ गया,

ओ मेरे साँवरे....

राधा हो मगन गोपी ग्वालो के संग,

आज राधा के गुंगरू शनक ने लगे,

श्याम नाम की चुनरी ओड के,

ऐसी लागी लगन की मजा आ गया,

ओ मेरे साँवरे....

फूल खिलने लगे चांदनी रात में,

रास रचने लगा श्याम के साथ में,

ठंडी ठंडी पवन झूमे धरती गगन हर गली मुस्कुराई मजा आ गया,

ओ मेरे साँवरे..........

ऐसा जादू किया दिल मेरा ले लिया,

हर घडी मेरे दिल में तू रहने लगा,

धड़कने रुक गई सांस थम सी गई,

तान ऐसी लगाई मजा आ गया,

ओ मेरे साँवरे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।