जय जय जय श्री सिद्धि विनायक

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जय जय जय श्री सिद्धि विनायक:

जय जय जय श्री सिद्धि विनायक,

तरुण सुमुख सुन्दर सब लायक,

जय जय जय ---------

गौरी सुत गणपति गजानन,

मंगल मुर्ती शुभगुनकानन,

बिघ्न विनाशन शुभ वर दायक,

जय जय जय श्री सिद्धि विनायक--------

कपिल कवीश कीर्त्ति सर्वेश्वर,

भूपति भुवनपति, जय परमेश्वर,

कृपासिंधु मनमोदप्रदायक

जय जय जय श्री सिद्धि विनायक-------

विद्या वारिधि भाग्य विधाता,

दया सिंधु शुभ मंगल दाता,

मोदक प्रिय सुख सम्पति दायक,

जय जय जय श्री सिद्धि विनायक,

तरुण सुमुख सुन्दर सब लायक -----।।

आभार: ज्योति नारायण पाठक

वाराणसी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।