सुनो प्राथना सुनो प्राथना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुनो प्राथना सुनो प्राथना परमात्मा परमात्मा,

हर पाप की अपराध की छमा याचना छमा याचना,

सुनो प्राथना सुनो प्राथना परमात्मा परमात्मा,

मन में अँधेरा न हो कभी,

ऐसी जोत की करू स्थापना,

सुनो प्राथना सुनो प्राथना परमात्मा परमात्मा,

ऐसा तन मिले ऐसा मन मिले,

बिन वासना बिन वासना,

सुनो प्राथना सुनो प्राथना परमात्मा परमात्मा,

करुणा से ह्रदये भरा रहे कभी क्रोध मन में भी आये न,

सुनो प्राथना सुनो प्राथना परमात्मा परमात्मा,

मेरा रोम रोम अर्पित तुम्हे,

करू हिरदे से तेरी साधना,

सुनो प्राथना सुनो प्राथना परमात्मा परमात्मा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।