मेरे गुरां ने लगाई फुलवारी

पारंपरिक
श्री राम भजन गुरुदेव भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मेरे गुरां ने लगाई फुलवारी के पत्ता पत्ता राम बोलदा,

आके देखो गुरु जी इक वारी पत्ता पत्ता राम बोलदा,

सुने सुने मन साडे हरे भरे हो गये,

नाम वाला बीज जदो सतगुरु जी बो गये.

माला माल हो गयी ऐ भिलनी की पत्ता पत्ता राम बोलदा,

सतगुरु मेरिया ज्ञान सिखाया,

मुक्त्ति दा राह सानू आप दिखया,

सदा नाम जपन नर नारी पत्ता पत्ता राम बोलदा,

ज्ञान वाली अख साड़ी ,गुरु जी हूण खोल दो ,

दिल दिया तारा साडी , राम नाल जोड़ दो ,

सदा चढ़ी रहे खुमारी ,पत्ता पत्ता राम बोलदा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।