तू साँई साँई बोल

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

तू साँई साँई बोल रे नाम अनमोल रे,

ये जिन्दगी सवार ले लगे ना कुछ मोल रे,

तू साँई,,,,,,,,,,,,,,

समय का पंछी तेरे हाथो से उड़ जायेगा

साँई का नाम तू रटले ये जीवन तर जायेगा

तू फिर पछतायेगा समझ नही पायेगा

अभी से तू सवार ले ये जीवन अनमोल रे

तू साँई,,,,,,,,,,,,

तू प्यारा बन साँई का नजारा फिर देख ले

साँई के श्री चरणों में ये जीवन सोप दे

भटकना छोड़ दे साँई का नाम ले

धूनी ये साँई राम की जो देती आँखे खोल रे

तू साँई,,,,,,,,,,,,,,,,

ये शिरडी के मालिक हे इन्हें तू पेहचान ले

ना बन नादान प्यारे साँई को मान ले

ये रहमत के भण्डार ये जग के तारणहार

,राही, साँई नाम की तू भी तो जय बोल रे

तू साँई साँई बोल रे नाम अनमोल रे,,,,,,,,,

ARUN CHAUHAN RAHI

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।