गोरी की लला आया

पारंपरिक
श्री गणेश भजन कृष्ण भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गोरी की लला आया आकर के धूम मचाया,

सारे शहरों और गाँव में सब के मन को हर्षाया,

देखो के लाल ग़ज़ानन्द अंगना आयो है,

दी जे में देखो सबको नाच नाचियो है,

गोरी की लला आया ...

चलो खुशियां आज मनाये मस्ती में झूमे गाये,

है सब का फ्रेंड गणेशा रहता है साथ हमेशा,

है इसकी छवि निराली महिमा देवो में न्यारी,

करता हु मुशा की सवारी पूजे इसे दुनिया सारी,

देखो के लाल ग़ज़ानन्द अंगना आयो है,

दी जे में देखो सबको नाच नाचियो है,

गोरी की लला आया ...

चन्दन का चौक पुलाओ कुम कुम रोली भी लगाओ,

पूजन की थाल सजाओ भक्तो देवो को मनाओ,

शिव पार्वती का लला बैठा है सारा मोहला,

क्या खूब सजी है गलियां जैसे भगो में गलियां,

देखो के लाल ग़ज़ानन्द अंगना आयो है,

दी जे में देखो सबको नाच नाचियो है,

गोरी की लला आया ...

तुम विघन विनाश्यक हरते भाई काल भी तुमसे डरते,

करे हाथ जोड़ तेरी सेवा भक्तो की सुन ले देवा,

अभिशेख शिवम् और राजा दीपेश का भाग जगा जा,

सारी दुनिया ने ठुकराया देवा तूने हमे अपनाया,

देखो के लाल ग़ज़ानन्द अंगना आयो है,

दी जे में देखो सबको नाच नाचियो है,

गोरी की लला आया ...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।