देता शिरडी वाला

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

देता शिर्डी वाला साईं शरनाघट का हाथ,

मैं भी तेरी शरण में आया थाम ले मेरा हाथ,

रो रही आँखे मेरी हस्ता ज़माना है,

मुश्किलों में गिर गया तेरा दीवाना है,

बिन तेरे अब कौन सुने मेरे दिल की बात,

मैं भी तेरी शरण में आया थाम ले मेरा हाथ,

हर कदम पर मैं क्यों भला मार खाता हु,

जीतना चाहू मगर मैं हार जाता हु,

आ साईं अब देख ले मेरे ये हालत,

मैं भी तेरी शरण में आया थाम ले मेरा हाथ,

तू नही सुनता अगर किसको सुनता मैं,

जखम जो दिल पे लगे किसको दिखता मैं,

दर्द ज़माने ने दिये और किये आधार,

मैं भी तेरी शरण में आया थाम ले मेरा हाथ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।