अज खुशिया दे खेड़े

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अज खुशिया दे खेड़े तेरे करके,

अज लगियां रोनकां तेरे करके,

रुखियां वी खादियां सुकिया वी खड़िया,

अज मखना दे पेड़े तेरे करके,

घर वी नही सी ते बाहर वी नही सी

अज महल चौबारे तेरे करके,

पैदल वी चलदे सी धके वी खंधे सी,

अज मोटर ते कारा तेरे करके,

पैसा वी नही सी धेला वी नही सी,

अज नोटा दियां थदियां तेरे करके,

पेके वी छड गये सोहरे वी छड गये -

अज सारी दुनिया तेरे करके

होये दुःखा दे नबेडे संगत आई

मन्दिरा विच तेरे करके

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।