लाख सहारे दुनिया के

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

लाख सहारे दुनिया के पर मेरा सहारा साईं है,

इस झूठी नगरी माया में बस मेरा सहारा साईं है,

लाख सहारे दुनिया के पर मेरा सहारा साईं है,

मैं यु भटकता फिरता था आकर तूने मुझे थाम लिया,

वो वक़्त नि मैं भुला हु जब सब ने मुझे दुद्धकार दियां,

लाख सहारे दुनिया के पर मेरे....

तेरे घर आंगन की छाया में सुख चैन मिला आराम मिला,

ये जाने क्या दुनिया सारी तेरा संग मिला तेरा प्यार मिला,

लाख सहारे दुनिया के पर मेरे....

जो जान के भी तुझे पा न सका वो क्या तेरा हो पाए गा,

वो निर्धन है अज्ञानी है वो कैसा कर्म कमाये गा,

लाख सहारे दुनिया के पर मेरे....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।