श्यामा श्याम सलौनी सुरत

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्यामा श्याम सलौनी सूरत को शिंगार बसंती है,

किशोरी श्याम सलोनी सूरत को शिंगार बसंती है

मोर मुकुट की लटक बसंती

चंद्रकला की चटक बसंती,

मुख मुरली की मटक बसंती,

सिर पै पैंच श्रवण-कुंडल छविदार बसंती है,

श्यामा श्याम...

माथे चन्दन लसियो बसंती,

पट पीताम्बर कसियो बसंती,

पहना बाजूबंद बसंती,

गुंजमाल गल सोहै फूलनहार बसंती है,

श्यामा श्याम...

कनक कडूला हस्त बसंती,

चले चाल अलमस्त बसंती,

रुनक-झुनक पग नूपुर की झनकार बसंती है,

श्यामा श्याम.....

संग ग्वाल को गोलन बसंती,

बोल रहे हैं बोल बसंती,

सब सखियन में राधे जी सरदार बसंती हैं,

श्यामा श्याम....

Sandeep Swami

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।