जो मुझे प्रभु से मिला दे वो गीत गाना चाहता हूँ

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जो मुझे प्रभु से मिला दे वह गीत गाना चाहता हूं,

रास्ते सबने बताए पर साथ कोई दे न पाया ,

कौन देगा साथ जबकि साथ दे न अपना साया,

जग से नाता तोड़कर बंधन मिटाना चाहता हूं ,

जीतकर मैंने कभी इस जिंदगी से कुछ ना पाया,

हार कर मैंने सदा फिर से संभलकर पग बढ़ाया,

इसीलिए मैं हार कर भी मुस्कुराना चाहता हूं ,

हर अंधेरी रात के पहलू में जागा है सवेरा ,

हर थके पक्षी को आखिर मिल ही जाता है बसेरा,

मैं इसी आशा पर मोहन को रिझाना चाहता हूं,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।