जयकारों रामापीर रो

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

पीरां को है पीर माता , मैणादे को लाल जी,

भक्त उबारन लीन्हो बाबो , कलयुग में अवतार जी,

जय जय बोलो जी , जयकारों रामापीर रो,

रामदेवरा धाम सुहाणों , भक्तां रे मन भावे जी,

जो कोई साँचा मन सु ध्यावे ,मन इच्छा फल पावे जी,

जय जय बोलो जी.......

मेवा मिठाई चढ़े चूरमा , निलोड़ा नारेल जी,

कलयुग रो अवतारी बाबो , दुखड़ा देवे मेट जी,

जय जय बोलो जी.......

राम सरोवर भरियो भारी ,नहावे नर - नारी जी,

रामापीर रा दर्शन पाया , आनन्द आवे भारी जी,

जय जय बोलो जी........

पारस जी मदन जी साथ मे , हेम राज भी जावे जी,

भंडारा में डी जे बाजे , तकड़ो नाच दिखावे जी,

जय जय बोलो जी.......

प्रजापति कैलाश आपको ,प्यारो भजन बनायो जी

चम्पा लाल मालासेरी वालो , हरिगुण मंगल गावे जी,

बेड़ो पार लगाओ जी , बाबा जी थांका दास रो,

जय जय बोलो जी.......

प्रजापति म्यूजिकल ग्रुप भीलवाड़ा 89479-15979

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।