मेरी दादी की किरपा से मौज करेंगे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मंगल पाठ दादी का जो रोज करोगे,

मेरी दादी की किरपा से मौज करेंगे,

पाटे पर माँ झुँझन वाले की तस्वीर लगाओ,

रोली मोली तिलक लगा कर माँ को पुष्प चढ़ाओ,

जो ये मंगल पाठ सब लोग करो गे,

मेरी दादी की किरपा से मौज करेंगे,shb

घर में उस्तव या सगाई या कोई तोहार,

अमावस का दिन या हो नोवी गाओ मंगला चार,

शुद सफाई से दादी का ध्यान दरों गे,

मेरी दादी की किरपा से मौज करेंगे,

मंगल पाठ के बीच भक्तो आसान कभी न छोड़ो,

दादी जी के श्री चरणों से अपना नाता जोड़ा,

हर्ष कहे जो दादी जी का नाम जापो गे,

मेरी दादी की किरपा से मौज करेंगे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।