कावड़ उठा ले फटाफट

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कावड़ उठा ले फटाफट काम बने तेरा झट,

जावे दुःख तेरा कट ले बम बम तू रट खुले है भोले के पट,

कौन तू सिर पट,

कावड़ उठा ले फटाफट काम बने तेरा झट,

चारो पासे बढ़ रहा भोले नाथ जी का रुतबा,

भोला भांग का नहीं बस भाव का भूखा,

जो है देवो में फ्रंट जो है वसा घट घट,

जो है बैठा मरघट देता भाग पलट,

कावड़ उठा ले फटाफट काम बने तेरा झट,

क्यों रे मन भटकावे मौका फेर ना आवे,

जाके देख हरिद्वार भोला पार लगवाए,

थारे द्वार का टिकट करवाले झटफट,

जा रे भोले से लिपट कट जावे कट लथ,

कावड़ उठा ले फटाफट काम बने तेरा झट,

प्यार का भोले का पा ले चल कावड़ उठा ले,.

विक्की जल रे चढ़ा ले भोले नाथ को रिजाले,

गिरी छोड़ झनझट होल शिव के निकट,

विष कर गए चट तेरा भोला नील कंठ,

कावड़ उठा ले फटाफट काम बने तेरा झट,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।