मईया री मईया एक खिलौना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मईया री मईया एक खिलौना छोटा सा दिलवा दे,

चाभी भर कर जब छोड़ू तो एक ही रटन लगावे,

बोले श्याम श्याम श्याम

सुन मइयां सुन मइयां मुझे एक खिलौना दिलवादे,

बोले श्याम श्याम श्याम

ना मैं चाहू हठी गोडा ना कोई बाजे वाला,.

मुझको तो बस आज दिलादे मोहन मुरली वाला.

बटन दबाते ही वो झट से मुरली मधुर बजादे,

चाभी भर कर जब छोड़ू तो एक ही रटन लगावे,

बोले श्याम श्याम श्याम ...

मोर मुकट हो प्यारा प्यारा मेरे मन वस जाए,

जो मुरली की धुन सुन ले वो मस्ती में खो जाये.,

पग में पायल छम छम बाजे सबको नाच चावे,

चाभी भर कर जब छोड़ू तो एक ही रटन लगावे,

बोले श्याम श्याम श्याम ...

श्याम सूंदर मुरली वाले को अपना आज बना लू,

मात्र दत्त यदि मिले खिलौना सोया भाग जगा दू,

देर करो मत अब मेरी मइयां जल्दी से मिल व दे,

चाभी भर कर जब छोड़ू तो एक ही रटन लगावे,

बोले श्याम श्याम श्याम ...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।