कभी ना बदलेगा भगवन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मूर्ति वही है बदले पुजारी,

समय बड़ा बलवान कभी ना बदलेगा भगवान,

तू कितना बदल गया इंसान..

समय का जोर भैया समये का चलता पहियाँ,

चले न शक्ति अर्जुन धरे रहे बाण छैयाँ,

गोपी लुटी थिनाल और देखते रहे भगवान.

कभी ना बदलेगा भगवन,

तू कितना बदल गया इंसान..

वक़्त ने सब को देखा सभी का रखता लेखा ,

सुबह या राज तिलक और वन को जाते हुये देखा,

भाग भिदाता स्वय नारायण करते समय का समान,

कभी ना बदलेगा भगवन,

तू कितना बदल गया इंसान..

समय का सिकंदर देखो गया खाली हाथ देखो,

ना आई सोनकी अमावास समय की चाल को देखो,

तरस गए ये पांडव जन तारन कुल जहां,

कभी ना बदलेगा भगवन,

तू कितना बदल गया इंसान..

चलता था राज जिनका हिले न उनके बिन तिनका,

हुकम चलाने वाला मांग ता जीवन मिन का,

तेरा ना मेरा सजन सिंगासन वक़्त बड़ा है महान,

कभी ना बदलेगा भगवन,

तू कितना बदल गया इंसान..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।