ऐसा है श्याम का दर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ऐसा है श्याम का दर हर काम यहाँ होता,

मिलता है यहाँ वो ही किस्मत में जो न होता,

ऐसा है श्याम का दर ....

विश्वाश के धागे में भगवन भी बंध जाते,

भगतो के भावो में नारायण विक जाते,

आंसू का कतरा कोई बेकार नहीं होता,

ऐसा है श्याम का दर.....

दुनिया की किताबो में एक शब्द असंभव है,

सयम से समपर्ण से यहाँ सब कुछ संभव है,

टूटे दिल का पूरा हर मान यहाँ होता,

ऐसा है श्याम का दर.....

इस दर की वेश ता है यहाँ सारे बराबर है,

राजा हो रंक चाहे मिले सब को आदर है,

होती है सच की जीत इन्साफ यहाँ होता,

ऐसा है श्याम का दर .....

ना जाने कितनो को यहाँ जीवन दानी मिला,

बाबा के चहेतो को अद्भुत सामान मिला,

खोटा सिक्का मोहित सभी काम यहाँ होता,

ऐसा है श्याम का दर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।