श्याम की नगरिया खाटू उजागर जहां में

पारंपरिक
महादेव भजन खाटू श्याम भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

श्याम की नगरिया खाटू उजागर जहां में,

लूट गयो हु तो तेरी मीठी मुस्कान में,

पलका को झालो देकर सवालिया साथ में,

कालजो ही कांड लियो काही कहु बात मैं,

फूंक फूंक पाँव मैह्लू प्रीत की दूकान में,

लूट गयो हु तेरी मीठी मुश्कान में....

कितनो दर्द एह कितनो खिचाव है,

जवाला में कूद जावे प्रीत को ही आव है,

बिना पंख उडतो डोलू प्रीत के विवान में,

लूट गयो हु तेरी मीठी मुश्कान में....

श्याम बहादुर शिव प्रीत को पताशो है,

संकडी है प्रेम ड्वेली फेर ही माशो है,

डूब गयो जीव तेरी मुरली की तान में,

लूट गयो हु तेरी मीठी मुश्कान में....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।