मोहन की जो याद आई जरा अश्को को बहाने दो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मोहन की जो याद आई जरा अश्को को बहाने दो

जिन राहो से वो गुजरे वो राहे सजाने दो

सुनते है मेरे मोहन नजरो से पिलाते हो

एक बार जरा नजरे नजरो से मिलाने दो

सुनते है मेरे मोहन रोतो को हँसाते है

एक बार तो दुखड़ो को हमको बे सुनाने दो

सुनते है मेरे मोहन करुना बरसाते है

एक बार तो हमको भी दर्श तो पाने दो

जो चाहे सजा देना ऐ श्याम के दरबानो

एक बार तो चरणों में जरा सीर को झुकाने हो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।