डूबने वाले को जो थामे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चढ़ते सूरज को दुनिया में सब करते है आह परनाम,

डूबने वाले को जो थामे वो है खाटू वाला श्याम,

सुख के साथी मिलते जग में दुःख में नजर नहीं आते है,

सदा बनो हारे के सहारे श्याम यही समजाते है,

जो भी जैसा कर्म है करता वैसा मिलता है परनाम,

डूबने वाले को जो थामे वो है खाटू वाला श्याम,

जो भी उचे आसान बैठे पेर ज़मीन पे रखते है,

उड़ते बदल नीलगगन से वरखा बन कर गिरते है,

अपने सिर को निचे रखते तर वर पर फलते आप,

डूबने वाले को जो थामे वो है खाटू वाला श्याम,

नित नियम से अपने समय पर सूरज भी तो ढलता है,

यु यु होता अंधराय तारा गगन में चमकता है,

श्याम किरपा सदा बनी रहे गोपाल मांगे ये वरदान,

डूबने वाले को जो थामे वो है खाटू वाला श्याम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।