दादी दादी बोल दादी

पारंपरिक
श्री राम भजन रानी सती दादी भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

दादी दादी बोल दादी सुन ले सी,

हाथ में जो भी काम हो पर मुख में दादी नाम हो,

दादी दादी बोल....

दादी नाम की महिमा है अपार,

जो लेले वो हो जवे भवपार,

मातेश्वरी बंसी तेरी मेहनत या आराम हो पर मुख पे दादी ना हो,

दादी दादी बोल.....

झुँझन वाली माँ है बड़ी दातार,

भर दे पल में वह तेरा भंगार,

माँ हर घडी हाज़िर खड़ी,

चाहे सुबहो हो चाहे शाम हो पर मुख में दादी नाम हो,

दादी दादी बोल......

बोलन दे जो बोले यो संसार करले मनवा श्री चरणा से प्यार,

शुद भूद भुला दादी ने ध्या तेरा मन दादी को धाम हो और मुख में दादी नाम हो,

दादी दादी बोल....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।