भोलिये नी प्यारिए नी महरानिये

नरेन्द्र चंचल
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

भोलिये नी प्यारिए नी महरानिये,

दुःख साडे दूर करे ता जानिए ,

जद दा मैं मलियाँ द्वारा दातिये,

भूल गया जग मेनू सारा दातिये,

तेनु सारे आखदे तू कल्याणी ऐ,

दुःख साडे दूर करे ता जानिए ,

तेरे जेहा जग विच होर कोई न,

तू है फिर किसे दी लोड कोई न,

ताहियो झोली तेरे दर उते ताने एह,

दुःख साडे दूर करे ता जानिए ,

सुनी न जे साड़ी फरयाद रानी,

आई न जे तेनु साड़ी याद रानिये,

साड़ी वि कहानी फिर मूक जानी ऐ,

दुःख साडे दूर करे ता जानिए ,

चंचल ने तेरे दर लिखी अर्जी,

मन चाहे न मन तेरी मर्जी,

भोहती बीत गई थोड़ी मूक जानी है,

दुःख साडे दूर करे ता जानिए ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।